Haryana Rabi Season 2026 : हरियाणा में रबी सीजन 2026 के लिए गेहूं की खरीद को लेकर सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय कर दिया है। इस बार किसानों को पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ज्यादा मिलेंगे। जी हां, सरकार ने रबी-2026 सीजन के लिए गेहूं का MPS 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया है। पिछले साल 2025 में गेहूं का एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल था।
बता दें कि हरियाणा में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद (Haryana wheat purchase) शुरू हो जाएगी। गेहूं खरीद की तैयारियों, लक्ष्य और व्यवस्थाओं को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर की अध्यक्षता में शनिवार को अहम बैठक होगी। इसमें खरीद की तारीख, खरीद लक्ष्य, भंडारण व्यवस्था और मंडियों में सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
Haryana : 560 मंडियों और खरीद केंद्रों पर होगी व्यवस्था
हरियाणा सरकार ने रबी फसलों की खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य में फिलहाल 560 मंडियों और खरीद केंद्रों पर खरीद व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। रबी-2026 खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी सचिवों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। इस बार किसानों के लिए गेटपास व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की जा रही है।
योजना है कि जियो-फेंसिंग तकनीक(Geo-fencing technology) के जरिए किसानों को गेटपास जारी किए जाएं। खरीफ-2025 सीजन में किसानों को घर बैठे गेटपास बनाने की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई तकनीक अपनाई जा रही है।
पारदर्शिता के लिए सख्त नियम
फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार कई नए नियम लागू किए जाएंगे।
- एमएसपी पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही टोकन नंबर मिलेगा
- किसान के अंगूठे से बारकोड स्कैन किया जाएगा
- गेटपास के लिए क्यूआर कोड मंडी गेट पर ही जनरेट होगा
- जिस वाहन में फसल आएगी, उसका नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा
- यदि वाहन नंबर दर्ज नहीं किया गया तो गेटपास जारी नहीं किया जाएगा।
28 मार्च से सरसों खरीद की संभावना
नई अनाज मंडियों में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इस बार सरसों की खरीद के लिए एमएसपी पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही टोकन नंबर दिया जाएगा।
किसान के अंगूठे से बारकोड स्कैन किया जाएगा। गेटपास जारी करने के लिए क्यूआर कोड मंडी गेट पर ही जनरेट किया जाएगा। किसान जिस वाहन में सरसों लेकर आएगा, उसका नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा, अन्यथा गेटपास जारी नहीं किया जाएगा।

