Jind news : एडिशनल सेशन जज जयबीर सिंह की अदालत ने रिश्वत के मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को डीईईओ सदानंद वत्स और लिपिक घनश्याम को दोषी करार दे दिया है। दोनों को 23 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।
क्या है पूरा मामला ? (Jind news)
अदालत में चले अभियोग के अनुसार रोहतक जिले के गांव भालौठ निवासी अमरजीत ने बताया था कि वह करीब 20 साल से स्मार्ट किड्स नाम से विजय नगर जींद में स्कूल चला रहा है। उन्होंने निदेशक स्कूल शिक्षा पंचकूला से मान्यता प्राप्त है। दो मई 2022 को कार्यालय जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद सदानंद वत्स और लिपिक घनश्याम एक नोटिस लेकर उसके स्कूल में आए। उन्होंने कहा कि स्कूल निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा पंचकूला के नियमों के अनुसार नहीं चल रहा है। इसलिए कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

कितने रुपये की रिश्वत मांगी ? (Jind news)
इस नोटिस का जवाब चार मई 2022 को कार्यालय जिला मौलिक शिक्षा जींद में दे दिया था। उसमें स्पष्ट किया गया था कि उसका स्कूल मान्यता प्राप्त है। 26 अगस्त 2022 को सदानंद वत्स और लिपिक घनश्याम दोबारा स्कूल में आए और उससे पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी। उसने पैसे देने से मना कर दिया। 30 अगस्त को लिपिक घनश्याम जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पत्र लेकर स्कूल आया, जिसमें स्कूल को तीन दिन में बंद करने के आदेश किए हुए थे।
आरोपी लिपिक को दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया (Jind news)
इस पर उसने घनश्याम से बात की तो उसने कहा कि इस नोटिस को रफादफा करने तथा स्कूल नोरम सही दिखाने की एवज में उसे तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पांच लाख रिश्वत देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि दो लाख पहले दे देना और बाकी तीन लाख बाद में दे देना। फिर एक जनवरी 2022 को उसके भांजे अमन ने घनश्याम से संपर्क किया, तो उसने कहा कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से बात हो गई है। इसलिए दो लाख रुपये लेकर आ जाओ। विजिलेंस टीम ने आरोपी लिपिक दो लाख रुपये की राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन है। सोमवार को इस मामले में दोनों दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।

