Petrol Diesel Price Today: देश में जैसे ही पेट्रोल डीजल की कीमत में बदलाव होता है तो वह आम आदमी की जेब पर काफी प्रभाव डालता है। भारत में तेल कंपनी द्वारा हर रोज सुबह करीब 6 बजे तेल के नए दाम जारी किये जाते है इसी के चलते आज बुधवार को भी तेल के नए दाम जारी कर दिए गए है। Petrol Diesel Price Today
आज भी इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनी ने तेल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है जबकि निजी तेल कंपनी शेल इंडिया ने डीजल और पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी की है। जिसके चलते ग्रहकों को बड़ा झटका लग सकता है।
निजी पंपों पर महंगाई Petrol Diesel Price Today

शेल इंडिया की और से पेट्रोल की कीमत में करीब 7.41 रुपये और डीजल के दाम में और करीब 25.01 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इसी के चलते नायरा की और से भी तेल की कीमतों में वृद्धि की गई थी। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही भारी अस्थिरता को माना जा रहा है। निजी कंपनियां सरकारी सब्सिडी के दायरे से बाहर होती हैं, ऐसे में घाटे से बचने के लिए उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया है।
सरकारी कंपनियों का हाल
राहत की बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख महानगरों में सरकारी तेल कंपनियों IOCL, HPCL, BPCL के पेट्रोल पंपों पर पुरानी दरें ही लागू हैं। कंपनियों ने अप्रैल 2022 के बाद से कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है।
महानगरों में पेट्रोल के ताजा रेट (प्रति लीटर): Petrol Diesel Price Today
दिल्ली: 94.77 रुपये
मुंबई: 103.49 रुपये
कोलकाता: 104.99 रुपये
चेन्नई: 100.79 रुपये
डीजल के मौजूदा दाम:
दिल्ली: 87.67 रुपये
मुंबई: 90.03 रुपये
चेन्नई: 92.48 रुपये
बेंगलुरु: 90.99 रुपये
हर दिन 1600 करोड़ का घाटा Petrol Diesel Price Today
भले ही हमें पेट्रोल पंप पर कीमतें स्थिर दिख रही हों, लेकिन सरकारी तेल विपणन कंपनियां OMCs भारी दबाव में हैं। आंकड़ों के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से कंपनियों को पेट्रोल पर 18 रुपये और डीजल पर 35 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। Petrol Diesel Price Today
अंतरास्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के चलते कच्चे तेल के दाम में लगातार बदलाव हो रहा है जिसके चलते कभी कच्चा तेल 70 डॉलर तो कभी 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। जिसके चलते सरकारी तेल कंपनी को रोजाना करीब 2400 करोड़ का घटा हो रहा था जबकि अब उत्पाद शुल्क घटने से 1600 करोड़ का घटा हो रहा है।

