Haryana Weather Today 15 April: अप्रैल के महीने में जहा शुरू में मौसम में काफी ठंड देखने को मिली है जैसे फरवरी हो वैसे ही अब अप्रैल के मध्य तक आते आते एकदम से जून जैसा मौसम हो गया है । जिसके चलते कल मंगलवार को देश के कई हिस्सों में तपिश इतनी तेज थी की अधिकतम 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है।
इसी के चलते फरीदाबाद हरियाणा में सबसे गर्म रहा। यहाँ पारा करीब 39 डिग्री से भी ज्यादा पहुंच गया था। इसी के चलते मौसम विभाग के जारी आकडों के मुताबिक तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी आने से काफी गर्मी महसूस की जा रही है।
हरियाणा के ये 7 शहर सबसे गर्म Haryana Weather

प्रदेश के कम से कम सात शहर ऐसे हैं जहाँ गर्मी का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। इन शहरों में दिन का तापमान 38 डिग्री के पार निकल चुका है इसमें फरीदाबाद- 39.4°C और भिवानी और गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 39.0°C रहा है वही सिरसा में 38.9°C इसी के चलते हिसार की बात करें तो यहाँ 38.8°C और सोनीपत और रोहतक में 38.5°C तापमान रहा है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि अब रातें भी बेचैन करने लगी हैं। नारनौल और भिवानी जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 21.5°C तक पहुंच गया है, जिससे रात की ठंडक अब गायब होने लगी है।
17 अप्रैल से बदलेगा मौसम का मिजाज Haryana Weather
भले ही अभी धूप शरीर झुलसा रही है, लेकिन मौसम विभाग ने राहत के संकेत दिए हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 16 अप्रैल तक तो आसमान साफ और मौसम खुश्क रहेगा। लेकिन 17 और 18 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है।
राजस्थान के ऊपर बनने वाले एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से हरियाणा के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में धूल भरी आंधी चल सकती है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।
किसानों के लिए रेड अलर्ट
कटाई के इस पीक सीजन में मौसम का यह बदलाव किसानों की चिंता बढ़ा सकता है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है जिसके चलते गेहूं की कटाई का काम सुबह या शाम के वक्त करें ताकि लू से बचा जा सके। Haryana Weather
17-18 अप्रैल को तेज हवा और बारिश के आसार हैं, इसलिए कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और उसे ढककर सुरक्षित रखें। सब्जियों और फलों की बागवानी करने वाले किसान नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करते रहें।

