Haryana Ration Depot Rules: हरियाणा में राशन वितरण प्रक्रिया को और सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार कई नए प्रयास किये जा रहे है जिसके चलते अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अब राशन डिपो के आवंटन में 33 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित रखा जाएगा। बता दें कि अब 500 कार्ड पर खुलेगा एक राशन डिपो इस नई योजना से सरकार का उद्देश्य केवल राशन विपतन ही नहीं बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। Haryana Ration Depot Rules
पारदर्शिता के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य Haryana Ration Depot Rules

इसी के चलते अब परदर्शता को बढ़ने के लिए आवेदक के पास PPP परिवार पहचान पत्र भी होना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा केवल 12वीं पास अभ्यर्थी ही इस प्रकारिया के लिए आवेदन कर सकते है। जो कंप्यूटर के बारे में सही जानकारी रखते है। यह बदलाव इसलिए भी जरुरी है ताकि अनाज वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा सकें। आवेदन के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष तय की गई है और आवेदक का उसी संबंधित क्षेत्र या वार्ड का निवासी होना जरूरी है। Haryana Ration Depot Rules
भाई-भतीजावाद को नहीं मिलेगा लाइसेंस Haryana Ration Depot Rules
इस बार सरकार ने डिपो आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधान किए हैं। किसी भी मौजूदा पंच, सरपंच, पार्षद या नगर निगम सदस्य को डिपो अलॉट नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, उनके सगे-संबंधियों माता-पिता, भाई-बहन, बहू-बेटा आदि को भी इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। Haryana Ration Depot Rules
यदि कोई डिपो धारक या उसका परिजन बाद में चुनाव जीतकर जनप्रतिनिधि बनता है, तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।
रोस्टर प्रणाली और प्राथमिकता का आधार Haryana Ration Depot Rules
अधिसूचना के मुताबिक हर तीसरी महिला को आवेदन के लिए आरक्षित स्थान प्राथमिकता सूची में तेजाब हमला पीड़ित महिलाओं, विधवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, तलाकशुदा और एकल माताओं को सबसे ऊपर रखा गया है। इसके बाद अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की महिलाओं का क्रम आएगा।
रिटायरमेंट और अनुकंपा के नियम Haryana Ration Depot Rules
डिपो संचालकों के लिए 60 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है, जिसके बाद लाइसेंस अपडेट नहीं होगा। हालांकि, जो संचालक ईमानदारी और तत्परता से काम करेंगे, उन्हें इनाम के तौर पर 65 वर्ष की आयु तक डिपो चलाने की छूट मिल सकती है। इसके अलावा किसी डिपो धारक की 55 वर्ष से पहले मृत्यु हो जाती है, तो उसके वारिस को 3 महीने के भीतर मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर लाइसेंस दिया जा सकेगा।

