Haryana Industrial Policy: नौकरियों के बदले सब्सिडी, हरियाणा सरकार का नया दांव, जानें क्या है खास

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Haryana Industrial Policy: हरियाणा में बेरोजगारी को खत्म करने के लिए हरियाणा सरकार की और से लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है जिसके चलते अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने एक और काफी अहम फैसला लिया है। Haryana Industrial Policy

अब पुरानी औद्योगिक नीतियों में बदलाव करते हुए सरकार ने राज्य में निवेश के साथ ही युवाओं को रोजगार देने के लिए भी काफी बेहतरीन कदम उठाया है। जिसके चलते नई इंडस्ट्री पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस योजना का लक्ष्य करीब 5 लाख करोड़ रूपये का निवेश और 10 लाख युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवाना है।

रोजगार के बदले सब्सिडी जाने क्या है ये नियम Haryana Industrial Policy

Haryana Industrial Policy: नौकरियों के बदले सब्सिडी, हरियाणा सरकार का नया दांव, जानें क्या है खास
Haryana Industrial Policy: नौकरियों के बदले सब्सिडी, हरियाणा सरकार का नया दांव, जानें क्या है खास

इस नई पॉलिसी की खास बात यह है कि अब सरकार कि और से इसमें केवल निवेश कि बात ही नहीं है बल्कि कंपनियों के प्रदर्शन पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि अब कंपनी को जो प्रोत्साहन राशि दी जाएगी उससे सीधा रोजगार से जोड़ दिया जाएगा।

नीति के मुख्य बात Haryana Industrial Policy

जो कंपनियां हरियाणा के युवाओं को अपनी वर्कफोर्स में शामिल करेंगी, उन्हें सरकार सालाना 1 लाख रुपये प्रति कर्मचारी तक प्रोत्साहन राशि देगी। यदि कंपनी स्थानीय महिलाओं अनुसूचित जाति SC के उम्मीदवारों या दिव्यांगजनों को नियुक्त करती है, तो यह सहायता राशि बढ़कर 1.2 लाख रुपये सालाना हो जाएगी।

जिस कंपनी में हरियाणा के युवाओं की भागीदारी 25 प्रतिशत से अधिक होगी, उसे सरकार की ओर से अतिरिक्त लाभ और विशेष सब्सिडी दी जाएगी। सीधे शब्दों में कहें तो जितनी अधिक स्थानीय नियुक्तियां, उतनी ही बड़ी सरकारी सब्सिडी।

रिसर्च और पेटेंट को मिलेगा बढ़ावा

हरियाणा सरकार में नई नीति के तहत यदि कोई कंपनी राज्य में रिसर्च सेंटर स्थापित करती है, तो उसे कुल लागत का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि कोई कंपनी नेशनल लेवल का स्तर हासिल करती है, तो उसे 50 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा।

प्राथमिकता वाले क्षेत्र और नई व्यवस्था Haryana Industrial Policy

सरकार ने कुछ खास सेक्टरों की पहचान की है, जिन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इनमें ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और फार्मा सेक्टर शामिल हैं।

प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने त्रि-स्तरीय समिति का गठन किया है इसमें उच्चस्तरीय समिति मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यह कमेटी अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देगी। जबकि हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में यह बोर्ड मेगा प्रोजेक्ट्स पर फैसला लेगा। और उद्योग विभाग समिति यह छोटी इकाइयों की जरूरतों और मंजूरियों को देखेगी। Haryana Industrial Policy

सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी राहत

इस नई पॉलिसी में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है। एक ही पोर्टल के जरिए निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, अपनी फाइल की ट्रैकिंग कर सकेंगे और मंजूरियां प्राप्त कर सकेंगे। स्टांप ड्यूटी में भी क्षेत्र के अनुसार 30 से 100 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया गया है।

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