Haryana Farmers Compensation: हरियाणा सरकार की और से किसानो को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कई प्रयास किये जा रहे है जिसके चलते अब डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि किसानो को किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए कोई भी मुश्किल का सामना न करना पड़े। इसी के चलते CM सैनी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के बारे में बैठक की समीक्षा की गई जिसके दौरान 2025 में खराब हुई खरीफ की फसल के लिए डरकर द्वारा फसल मुआवजा योजना के अंतर्गत करीब 370 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है। Haryana Farmers Compensation
पैसे जारी करने की मंजूरी के मिलते ही अब करीब 1.5 लाख किसानों को इस राशि का सीधे लाभ होगा। बता दें कि कुछ तकनिकी खामी के चलते यह प्रक्रिया अभी तक रुकी ही थी। लेकिन अब मेरी फसल मेरा ब्यौरा साइट पर पंजीकरण किसानों के लिए पारदर्शी और अनुकूल डिजिटल प्लेटफार्म है।
दिसम्बर में हुई 116.15 करोड़ रुपए कि राशि जारी Haryana Farmers Compensation

बैठक के चलते अधिकारीयों ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों मुआवजे तो टर्र पर दिसम्बर में करीब 116 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कि राशि जारी की गई थी। जिसके चलते 5300 से भी ज्यादा किसानों को इस राशि का लाभ मिला था। इसी के चलते पोर्टल पर आवेदन में से फर्जी आवेदन भी करीब 5500 आवेदनों की छटाई कर दी गई है।
ताकि जिस किसान को मुआवजा मिलना चाहिए केवल उसी को ही मिल सकें। इसी के चलते CM ने विभाग को निर्देश दिए है की सारा पैसा जल्द ही किसानों के खतों दाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। Haryana Farmers Compensation
हरियाणा में जियो-रैफरैसिंग प्रक्रिया लागु Haryana Farmers Compensation
इस बैठक के दौरान अधिकारीयों ने कहा कि हरियाणा में आपदा के क्षेत्र में सुविधा देने के लिए नए आयाम स्थापित किये गए है जिसके चलते जियो-रैफरैसिंग प्रक्रिया को सही से लागु कर दिया गया है। जिसके चलते हर एक एकड़ के मुरब्बे की भी सही लोकेशन ट्रैक करके दर्ज कर ली गई है। जिसके चलते सारी जमीन का सही रिकॉर्ड तैयार हो गया है। Haryana Farmers Compensation
जिसके चलते अब फसल के प्रकार से लेकर क्षेत्रफल और अब की स्तिथि के बारे में सही से पता लगाया जा सकता है। जिसके चलते अब फसल की निगरानी और नुकसान के बारे में सही जानकरी मिलेगी और पहल के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। जिसके चलते अब सही लाभार्थी किसान की पहचान होगी और फर्जी लोगों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। Haryana Farmers Compensation

