Namo Bharat corridor: दिल्ली से पानीपत के बिच का सफर अब और भी तेज होने वाला है। यहाँ आधुनिक रेल कनेक्टिविटी बनाने की दिशा में काफी अहम कदम उठाया जा रहा है। जिसके चलते PM नमो भारत ट्रैन RRTS कॉरिडोर को शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। Namo Bharat corridor
जिसके शुरू होते ही ट्रेन करीब 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से चलेगीं। जिसके चलते दिल्ली से हरियाणा के के कई शहरों के बिच की कनैक्टिविटी बेहतर होगी। इस परियोजना में करीब 21 हज़ार करोड़ रुपये की लागत लगने का अनुमान है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर दिल्ली, पानीपत और करनाल के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन प्रणाली तैयार करेगा, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को फायदा मिलेगा।
परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक Namo Bharat corridor

इसी के चलते पानीपत जिला प्रशासन की और से इस परियोजना को लेकर विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई इस बैठक में अध्यक्षता जिला उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया रहे। इस बैठक में कई विभागों के अधिकारीयों ने भाग लिया और परियोजना के अलग अलग मुद्दों पर बातचीत की।
बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर विचार किया गया
भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर बात की गई और प्रस्तावित स्टेशनों की योजना बनाई गई इसके अलावा निर्माण कार्य की समय सीमा तय करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य तय समय के भीतर पूरे किए जाएं ताकि निर्माण प्रक्रिया में देरी न हो।
पानीपत जिले में प्रस्तावित स्टेशन Namo Bharat corridor
दिल्ली से करनाल तक बनने वाले इस नमो भारत कॉरिडोर में पानीपत जिले के भीतर चार प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें समालखा स्टेशन और पानीपत आईएसबीटी सिवाह स्टेशन के अलावा पानीपत अंडरग्राउंड स्टेशन और सेक्टर 18 फ्यूचर स्टेशन आतें है। इसी के चलते समालखा और पानीपत में रेलवे सर्विस स्टेशन के लिए भी जमीन चिन्हित की जा चुकी है। जिससे ट्रेन संचालनऔर रखरखाव को सुचारु बनाया जा सकें।
नमो भारत RRTS क्या है
नमो भारत RRTS यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम एक आधुनिक तेज गति रेल नेटवर्क है, जिसे बड़े शहरों और आसपास के शहरों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। भारत में इसका पहला कॉरिडोर दिल्ली मेरठ RRTS के रूप में शुरू हुआ था। उसी मॉडल पर अब अन्य कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।
यह ट्रेन अधिकतम गति लगभग 160 किमी प्रति घंटा से चल सकती है और एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं से लेस्स है और कम समय में लंबी दूरी की यात्रा तय कर सकती है। इसमें सुरक्षित और आरामदायक सफर करने को मिलता है। इसके चलने से यात्रा समय और ट्रैफिक पर असर पड़ेगा।

