LPG PipeLine India : मध्यम पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया को रसोई गैस और पैट्रोल की कमी का सामना करना पड़ रहा है वहीं केंद्र सरकार रसोई गैस संकट को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। LPG की सप्लाई को सुरक्षित और सस्ता बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट आरंभ किया है। पेट्रोलियम बोर्ड (PNGRB) ने देश में 2,500 किमी लंबी 4 नई एलपीजी पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू कर दिया है।
सड़कों से हटेंगे टैंकर, टलेगा खतरा (LPG PipeLine India)
इस पूरे प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार लगभग ₹12,500 करोड़ खर्च करेगी। फिलहाल, अबी के टाइम में गैस को रिफाइनरी से प्लांट तक बड़े ट्रकों और टैंकरों के तहत सड़कों से ले जाया जाता है। पाइपलाइन बिछने के बाद सड़क हादसों का डर खत्म होगा। गैस की ढुलाई का व्यय कम होगा, जिससे सिस्टम बेहतर बनेगा। ट्रकों का धुआं कम होने से पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा।

कौन से होंगे वो 4 विशेष रूट: (LPG PipeLine India)
हमारे पाठकों को बता दें कि, गैस सप्लाई को सीधा बॉटलिंग प्लांट से जोड़ने के लिए इन चार रास्तों को चुना गया है:
- चेरलापल्ली से नागपुर
- शिक्रापुर – हुबली से गोवा
- पारादीप से रायपुर
- झांसी से सितारगंज
संकट के समय मिलेगी राहत (LPG PipeLine India)
ये पाइपलाइनें सिर्फ गैस पहुंचाने का जरिया नहीं रहेगा बल्कि ये एक स्टोरेज (भंडारण) की तरह भी काम करेंगी। यदि युद्ध या किसी और वजह से विदेशों से गैस आने में समस्या होती है, तो इन पाइपलाइनों में मौजूद गैस देश की अनिवार्यता को पूरा करने के काम आएगी। भारत अपनी जरूरत की ज्यादातर LPG बाहर से मंगाता है, ऐसे में यह कदम देश को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

