Jind news : जींद के सिविल अस्पताल में नई बिल्डिंग के पास स्थापित किए गए पीएसए आक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए बूस्टर तो मिल गया था लेकिन इसे इंस्टाल नहीं किया जा रहा था। अब वर्क आर्डर मिलने के बाद बूस्टर लगाने के लिए काम शुरू हो गया है।
प्लांट के पास ही साढ़े तीन बाय सात का एक कमरा तैयार किया जा रहा है। बूस्टर के लिए अर्थिंग, वाल व फेंसिंग लगाई जाएगी। इस बूस्टर से प्लांट में बनने वाली आक्सीजन बूस्ट होगी और इसे पहले से ज्यादा प्रेशर से आक्सीजन प्वायंटों तक भेजा जा सकेगा। इससे अस्पताल में आईसीयू भी चलाया जा सकेगा। इससे पहले पीएसए आक्सीजन प्लांट से वेंटिलेटर नहीं चलाया जा सकता था। अब बूस्टर लगने के बाद इस प्लांट से वेंटीलेटर भी चलेगा। बाकायदा आक्सीजन सिलिंडर भी भरे जा सकेंगे।
Jind news : कोरोना काल में लगाया गया था ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना काल में जब आक्सीजन की किल्लत हुई तो नागरिक अस्पताल में नई बिल्डिंग के सामने 2021 में प्रधानमंत्री केयर फंड से आक्सीजन प्लांट लगाया गया था। कुछ समय तक इस आक्सीजन प्लांट ने काम किया लेकिन पिछले पौने दो साल से यह खराब है। इस आक्सीजन प्लांट की सर्विस होनी थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास बजट नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग की है लेकिन बजट मिल नहीं पा रहा था। बाद में इस प्लांट में बूस्टर लगाए जाने की योजना क्रियान्वित हुई ताकि पहले से भी अधिक क्षमता से यहां आक्सीजन बूस्ट हो सके।

Jind news : एक माह पहले मिला था बूस्टर
लगभग एक माह पहले अस्पताल को बूस्टर मिला था। इस बूस्टर के इंस्टाल होने से आक्सीजन प्लांट से बनने वाली आक्सीजन बूस्ट होनी थी। बूस्टर इंस्टॉल न होने के चलते आक्सीजन प्लांट शुरू नही हो पा रहा था। शनिवार को संंबंधित एजेंसी को वर्क आर्डर मिला और इसी के साथ ही लेबर के माध्यम से प्लांट के साथ ही एक कमरा बनवाना शुरू किया। जिसमें बूस्टर व अन्य उपकरण इंस्टाल किए जाएंगे।
पीएसए आक्सीजन प्लांट के लिए बूस्टर पहुंच गया है। अब प्लांट के पास ही कमरे का निर्माण करवाया जा रहा है। यहां बूस्टर के इंस्टाल होने के बाद पीएसए आक्सीजन प्लांट का बहुत लाभ होगा। इससे आक्सीजन सिलिंडर भी भरे जा सकेंगे और आईसीयू में वेंटिलेटर भी चलाए जा सकेंगे।
–डा. रघुबीर पूनिया, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
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