Engine Comparison: अगर आप भी इस ताप्ती धुप में कार खरीदने के बारे में सोच रहे है और ऐसी कार तो सभी खरीदें चाहते है जो अच्छी रेलेबिलिटी के साथ बेहतर परफॉरमेंस भी दे सकें। और आपकी जैब से खर्चा भी कम हो। लेकिन आज के समय में अक्सर माइलेज और सनरूफ जैसे फीचर्स तक ही हम रह जाते है। लेकिन लॉन्ग टर्म में गाड़ी चलने के लिए या फिर अपनी जेब के खर्च की बात करें तो इसमें एक ही चीज निर्भर करती है वो है आपकी कार का इंजन। Engine Comparison
आज के समय में कार में 2 इंजन ही सबसे चर्चा का विषय बने हुए है इसमें टर्बो चार्ज इंजन और नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन। इन दोनों की अलग खूबियां और अपनी अलग ही खामिया है। जो आपकी जेब के साथ ही परफोरैंस और माइलेज पर असर डालती है।
शहर की सड़कों के लिए भरोसेमंद NA इंजन Engine Comparison

नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन जिसका सीधे शब्दों में मतलब है की किसी अतरिक्त बस्ट के बिना नार्मल इंजन। यह इंजन सीधे बाहर की हवा अंदर खींचता है और कार्य करता है। इस इंजन की खूबियों की बात करें तो इसमें जैसे ही आप एक्सीलेटर करते है तुरंत आपको पावर देखने को मिलती है जो एक झटके से कार रफ़्तार पकड़ लेती है। यह इंजन अगर 1.2 लीटर की बात करें तो आज भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला यह इंजन है जो कई कार के साथ आता है और अच्छा बिका भी रहा है बता दें कि 5 लाख की कार से लेकर 12 लाख की कार में भी यह इंजन देखने को मिलता है।
यह इंजन काफी समूद और अगर पेट्रोल में हो तो सबसे कम नॉइस करने वाला होने के साथ साथ शहर में ज्यादा माइलेज देने के साथ साथ लाइफ भी इस इंजन की ज्यादा होती है। Engine Comparison
लेकिन यह इंजन टर्बो इंजन के मुकाबले कम पावर निकलकर देता है। इसकी खास बात यह भी है कि यह टर्बो इंजन से सस्ता होने के साथ साथ बाद में भी कम रेंज में इसकी सर्विस होती है।
हाईवे के शौकीनों की पसंद टर्बोचार्ज्ड इंजन Engine Comparison
वही अगर आप डेली हाइवे पर सफर करतें है तो इसके लिए आप ज्यादा पावर की भी डिमांड करते है तो इसके लिए आपको टर्बो चार्ज इंजन लेना चाहिए यह इंजन में टर्बो लगी होने के कारण इसमें आपको NA इंजन के मुकाबले ज्यादा टॉर्क देखने को मिलता है जिसके चलते आप कम CC के इंजन से ज्यादा पावर निकल सकते है। Engine Comparison
टर्बो इंजन में समस्या की बात करें तो इसमें कम स्पीड पर पावर भी थोड़ी कम ही मिलती है या फिर एकदम से एक्सीलेटर करने पर पावर मिलने में थोड़ा समय मिलता है। लेकिन जैसे ही इसमें टर्बो काम करता है जो ओवरटेकिंग करने में एकदम से स्पीड मिलती है जिससे गाड़ी चलाने का मजा और भी दोगुना हो जाता है।
मेंटेनेंस और जेब खर्च
इंजन चुनते समय एक बात ध्यान में रखे तकनीक जितनी आधुनिक होगी, उसका रख-रखाव उतना ही महंगा होगा। नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन की बनावट काफी सरल होती है, इसलिए इसकी सर्विसिंग सस्ती पड़ती है। इसके उलट, टर्बो इंजन में इंटरकूलर, टर्बोचार्जर और कई सेंसर लगे होते हैं। अगर इनमें कोई खराबी आती है, तो मरम्मत का बिल काफी लंबा हो सकता है। साथ ही, टर्बो इंजन चलाने का एक विशेष तरीका होता है; इसे स्टार्ट करने के बाद और बंद करने से पहले एक मिनट के लिए आइडल छोड़ना जरूरी होता है, ताकि टर्बो की लाइफ बनी रहे। Engine Comparison
ऑटो एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आप कार का इस्तेमाल केवल ऑफिस जाने या घर के छोटे-मोटे काम के लिए कर रहे हैं, तो नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन से बेहतर और किफायती कुछ भी नहीं है। यह सालों-साल बिना किसी झंझट के साथ निभाता है। लेकिन अगर आप परफॉर्मेंस ओरिएंटेड ड्राइवर हैं और पहाड़ी रास्तों या हाईवे पर रफ्तार के शौकीन हैं, तो टर्बो इंजन पर खर्च किया गया अतिरिक्त पैसा आपको हर मोड़ पर संतुष्टि देगा।

