Haryana Land Compensation: हरियाणा में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार और से लगातार कई प्रयास किये जा रहे है जिसके चलते इस बार फिर किसानों को मुआवजा देने के लिए नया फार्मूला बनाया है। अब बिजली ट्रांसमिशन लाइनों के लिए ली गई जमीन के लिए किसानों को मुआवजा जारी करने के लिए राइट ऑफ वे प्रकारिया में बदलाव करते हुए मुआवजा राशि में भी बदलाव किया है। जिसके चलते किसानों को अब सीधा लाभ होगा।
3 वैल्यूअर जमीन की कीमत निर्धारित करेगें Haryana Land Compensation

ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब जमीन के मूल्यांकन के लिए और ज्यादा पारदर्शी तरिके से नई व्यवस्ता चलाई जाएगी जिसके तहत मुआवजा राशि जमीन के लिए दी जाएगी। इसके लिए अब 3 वैल्यूअर तरीके अपने जाएगें जिसके चलते सरकार द्वारा किसानों को उनकी जमीन का सही रेट का मूल्यांकन करवाकर ही किसानों को मुआवजा जारी किया जाएगा। Haryana Land Compensation
नए नियम कहा होंगें लागु Haryana Land Compensation
जानकारी के लिए बता दें कि यह नए नियम इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के तहत 66 kV या फिर इससे भी हाई वोल्टेज लाइन पर ही लागु होंगें। जिसके चलते अब इस निति के तहत 3 वैल्यूअर नियुक्त किये जाएगें जिसके चलते ही जमीन का मुआवजा जारी किया जाएगा। इस प्रक्रिया में जमीन मालिक के साथ ही जिला मजिस्ट्रेट और ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर भी होगा। जिसके चलते यह 3 वैल्यूअर 21 दिनों के अंदर अंदर ही अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी। Haryana Land Compensation
जमीन का मिलेगा सही दाम Haryana Land Compensation
इसी के चलते जमीन का सही दाम लगाने के लिए लॉटरी सिस्टम से 2 रिपोर्ट चुनी जाएगी जिसके चलते यदि होने रिपोर्ट में करीब 20 प्रतिशत से कम का अंतर होता है तो दोनों की औसत दर के अनुसार ही मूल्य तय किया जाएगा। बता दें कि यदि दोनों रिपोर्ट में मूल्य का अंतर 20 प्रतिशत से ज्यादा होता है तो तीसरे वैल्यूअर की रिपोर्ट को भी इसमें शामिल किया जाएगा। Haryana Land Compensation
जिसके चलते जमीन की कीमत मनमाने तरिके से तय न होकर इन प्रक्रिया के मध्य से तय होगी। जिसके चलते किसानों को बाजार की दर के अनुसार ही मुआवजा मिलेगा। सरकार के अनुसार ऐसा करने से किसी भी प्रोजेक्ट में विवादों में कमी आएगी और यह नई अधिसूचना 29 अप्रैल से ही जारी कर दी गई है।

