Property Registry Rules: हरियाणा में अब डिजिटल प्रक्रिया कि ओर कदम बढ़ते हुए सम्पति खरीदने वालों के लिए बड़ी रहत की खबर निकलकर सामने आ रही है। जिसके चलते अब जमीन, मकान, दुकान या प्लाट की रजिस्ट्री करवाते ही इंतकाल अपने आप ही हो जाएगा। Property Registry Rules
राज्य सरकार की यह नई व्यवस्था लागु होने के बाद से अब पटवारी के दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगें। जिसके चलते अब समय बचने के साथ ही भागदौड़ और आर्थिक शोषण भी नहीं होगा।
क्या है यह नई व्यवस्था Property Registry Rules

राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए इसे पूरी तरह से ऑटो मोड में डाल दिया है। सोमवार से प्रदेश भर में यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी। अब रजिस्ट्री होते ही सिस्टम खुद-ब-खुद इंतकाल की प्रक्रिया शुरू कर देगा। Property Registry Rules
आम जनता को अब किसी भी इंतकाल के लिए न तो पटवारी से गुहार लगानी होगी और न ही अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। कोई भी नागरिक निर्धारित फीस जमा कर इंतकाल की कॉपी प्राप्त कर सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि अप्रैल महीने के अंत तक राज्य में कोई भी इंतकाल पेंडिंग न रहे।
क्यों जरूरी था यह सुधार
अभी तक रजिस्ट्री के बाद इंतकाल करवाने का काम काफी मुश्किल रहा है। लोगों को पटवार भवनों के महीनों चक्कर काटने पड़ते थे। अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि पटवारी द्वारा मुंह मांगी रकम न दिए जाने पर फाइलें महीनों दबी रहती थीं। इस प्रक्रिया में आम आदमी को न केवल मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती थी, बल्कि हजारों रुपये का खर्च भी उठाना पड़ता था।
इतना ही नहीं, इंतकाल में देरी का फायदा उठाकर कई बार जमीन बेचने वाले लोग एक ही प्रॉपर्टी को दो-अलग व्यक्तियों को बेचकर धोखाधड़ी भी करते थे। ऑटो मोड से इस तरह के फर्जीवाड़ों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
इंतकाल क्या है और इसका महत्व Property Registry Rules
सरल शब्दों में कहें तो किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने के बाद सरकारी रिकॉर्ड में खरीदार का नाम दर्ज करना ही इंतकाल कहलाता है। जब तक इंतकाल नहीं होता सरकारी दस्तावेजों में वह संपत्ति पुराने मालिक के नाम पर ही दर्ज रहती है।
रजिस्ट्री के बाद पटवारी कंप्यूटर में डेटा दर्ज करता है। जिससे कानूनगो पुराने और नए रिकॉर्ड का मिलान करता है। इसके बाद ही तहसीलदार उसे अपनी स्वीकृति देता है। Property Registry Rules
धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
अधिकारियों का मानना है कि अब जैसे ही रजिस्ट्री होगी, रिकॉर्ड में तुरंत नाम अपडेट हो जाएगा। इससे एक ही जमीन को बार-बार बेचने की घटनाओं पर लगाम लगेगा। क्योंकि अब खरीददार को यह सुनिश्चित होगा कि रिकॉर्ड में उसका नाम तत्काल प्रभाव से आ गया है। इस कदम से हरियाणा में जमीन के रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी और सरकारी काम-काज में डिजिटल प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।

