Petrol Diesel Price Today: पूरी दुनिया में तेल के दामों को लेकर लगातार चर्चाएँ हो रही है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बिच चल रहे तनाव को लेकर लगातार पेट्रोल और डीजल के डैम में उठाव चढ़ाव आ रहा है। इसी के चलते अब हाल ही में पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान की वार्ता भी बिना किसी निष्कर्ष के खत्म हुई है जिसके चलते तनाव और बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिसका असर उपभोगता पर देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल में 8% का जोरदार उछाल, $100 के पार निकली कीमतें Petrol Diesel Price Today

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चली 21 घंटे की बातचीत में कोई निष्कर्ष न निकलने से कच्चे तेल की कीमतों में एकदम से उछाल देखने को मिला है जिसके चलते कच्चे तेल की कीमत में करीब 8 % का उछाल देखने को मिला है अब कच्चा तेल ने 100 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी शुरू की जाती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले समुद्री यातायात को पूरी तरह रोक देगी, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी झटके से कम नहीं है। Petrol Diesel Price Today
भारतीय बाजार में आज की स्थिति
हालांकि वैश्विक स्तर पर भारी उथल-पुथल है, लेकिन राहत की बात यह है कि देश की प्रमुख तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने आज यानी 14 अप्रैल को घरेलू ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। भारतीय बाजार में कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती दरों को देखते हुए यह स्थिरता ज्यादा दिनों तक टिक पाएगी या नहीं, इस पर सस्पेंस बरकरार है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम (प्रति लीटर)
शहर पेट्रोल डीजल
दिल्ली 94.77 87.67
मुंबई 103.54 90.03
कोलकाता 105.41 92.02
चेन्नई 100.80 92.39
बेंगलुरु 102.96 90.99
जयपुर 104.62 90.12
पटना 105.43 91.67
लखनऊ 94.73 87.86
आम आदमी पर क्या होगा असर Petrol Diesel Price Today
अगर वैश्विक बाजार में कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है, तो तेल कंपनियों पर कीमतों में बढ़ोतरी का भारी दबाव बनेगा। ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा अर्थ है माल ढुलाई का महंगा होना, जिससे फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी उछाल आ सकता है।
इस के चलते ऐसी चर्चाए भी हो रही है कि अब सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर जनता को राहत देगी या फिर अंतरराष्ट्रीय दरों का बोझ उपभोक्ताओं के पर जाएगा।

