Delhi to Dehradun expressway: उत्तराखंड से दिल्ली आने जाने वाले यात्रियों के लिए आज काफी ख़ुशी की बात है जिसके चलते आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन कर दिया है। यह एक्सप्रेसवे कुल 13,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है जिसके चलते केवल दिल्ली और देहरादून के बीच की दुरी अब काफी कम समय में पूरी होगी। यह आधुनिक इंजीनियरिंग और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे मेल का प्रतीक भी बनकर उभरा है।
दिल्ली से ढाई घंटे का सफर और उत्तराखंड Delhi to Dehradun expressway

देहरादून में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी पुरानी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि मैंने बाबा केदार के चरणों में कहा था कि यह दशक उत्तराखंड का होगा और आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह हकीकत में बदल रहा है।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद अब दिल्ली से देहरादून की यात्रा जो पहले 6 से 7 घंटे लेती थी, वह घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाएगी। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी राह बेहद आसान हो जाएगी। Delhi to Dehradun expressway
एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है। यह एशिया का अपनी तरह का सबसे लंबा कॉरिडोर है, जिसे राजाजी नेशनल पार्क के पास बनाया गया है ताकि वन्यजीवों के आवागमन में कोई बाधा न आए और वाहन भी अपनी रफ्तार से चल सकें। Delhi to Dehradun expressway
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने सहारनपुर के पास ऊंचे खंड पर बने इस कॉरिडोर की बारीकी से समीक्षा की। प्रोजेक्ट में 340 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है, जो डाट काली मंदिर के पास यातायात के दबाव को कम करेगी।
रोड शो और भक्ति का संगम Delhi to Dehradun expressway
पीएम मोदी का आज का दौरा केवल सरकारी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा। देहरादून पहुंचने से पहले उन्होंने सहारनपुर में एक भव्य रोड शो किया, जहां उमड़ी भारी भीड़ ने मोदी-मोदी के नारों से उनका स्वागत किया। इसके बाद वे प्रसिद्ध डाट काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।Delhi to Dehradun expressway
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई धार
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। फल, सब्जी और स्थानीय उत्पादों को दिल्ली के बाजारों तक पहुंचाना अब और भी किफायती और तेज होगा।

