New Railway Line: 4000 करोड़ की नई रेललाइन, हरियाणा के इन गांवों में पहली बार पहुँचने वाली है पटरी

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New Railway Line: भारत में सार्वजानिक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगातार कई प्रयास किये है रहे है इसी के चलते दक्षिण हरियाणा और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के लाखो यात्रियों के लिए रेलवे की और से बड़ी सौगात दी जा रही है जिसके चलते अब यात्रियों को और भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। New Railway Line

जिसके चलते चरखी दादरी से कनीना और काठूवास होते हुए नीमराणा तक 155 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन को अब धरातल पर उतरने को तैयार है। इसी के चलते रेलवे की और से शुरुआत का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है । जिसके चलते अब जल्द ही इस 4000 करोड़ की योजना को शुरू किया जाएगा।

छोटे गांवों को मिलेगा बड़े शहरों जैसा जुड़ाव New Railway Line

New Railway Line: 4000 करोड़ की नई रेललाइन, हरियाणा के इन गांवों में पहली बार पहुँचने वाली है पटरी
New Railway Line: 4000 करोड़ की नई रेललाइन, हरियाणा के इन गांवों में पहली बार पहुँचने वाली है पटरी

इस नै रेल परियोजना की सबसे अच्छी बात यह है कि यह लाइन उन इलाकों से होते हुए जाएगी जो अभी परिवाह के मामले में काफी पीछे है। इस परियोजना से चरखी दादरी, कनीना खास और काठूवास को प्रमुख जंक्शन बनाया जाएगा।

इसके अलावा हरियाणा के रामनगर, मोड़ी, चिड़िया, बाघोत, और रामबास जैसे गांवों के साथ-साथ राजस्थान के मांढण और रानौथ जैसे दूरदराज के इलाकों में भी नए स्टेशन और हाल्ट बनाए जाएंगे। यानी अब इन गांवों के युवाओं और व्यापारियों को बड़े शहरों तक पहुँचने के लिए घंटों बस का इंतजार नहीं करना होगा।

औद्योगिक क्रांति New Railway Line

नीमराणा NH-48 पर स्थित यह जापानी इंडस्ट्रियल हब 500 से अधिक देशी-विदेशी कंपनियों का घर है। लेकिन, रेल कनेक्टिविटी की कमी हमेशा से यहाँ के उद्योगों के लिए एक टीस रही है। इस रेललाइन के शुरू होने से नीमराणा और भिवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा होगा। इससे काठूवास का लॉजिस्टिक पार्क इस प्रोजेक्ट से काफी लाभ होगा। माल ढुलाई की लागत में 50% तक की कमी आने का अनुमान है।

अहीरवाल बेल्ट पर क्या होगा असर

अहीरवाल क्षेत्र बुनियादी ढांचे के मामले में यहाँ और निवेश की जरूरत हमेशा महसूस की गई। यह रेललाइन इस कमी को पूरा करेगी जिसे औद्योगिक सुगमता बढ़ने से हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इलाके के किसान अपनी उपज को सीधे दिल्ली या गुजरात की मंडियों तक कम खर्च में भेज सकेंगे। काठूवास से गुजरात के बंदरगाहों तक का सफर महज 35 घंटे में पूरा हो सकेगा, जो फिलहाल सड़क मार्ग से काफी ज्यादा है। New Railway Line

क्या है अगला कदम

सर्वे पूरा होने के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और बजट आवंटन की प्रक्रिया तेज होगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, जिस तेजी से सर्वे का काम हुआ है, उसे देखते हुए उम्मीद है कि बहुत जल्द ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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