Haryana Roadways : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी और रियायती पास धारकों को बस में न चढ़ाने की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। पाठकों को बता दें कि परिवहन आयुक्त कार्यालय ने निर्देश जारी किए हैं कि हरियाणा के सभी निजी स्टेज कैरिज संचालकों को हरियाणा रोडवेज की तरह ही सभी श्रेणियों के ‘फ्री’ और ‘कन्सेशनल’ पास धारकों को निशुल्क सफर करवाना होगा।

परिवहन विभाग ने जारी किया लेटर (Haryana Roadways)
दरअसल् इसके लिए परिवहन विभाग की तरफ से सभी डीटीओ-सह-सचिवों को लैटर जारी किया गया है। इस लैटर के मुताबिक, ‘स्टेज कैरिज स्कीम 2016’ की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी बस ड्राइवर छात्रों और बुजुर्गों को पास होने के बावजूद बस में नहीं बैठाते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।
हरियाणा परिवहन आयुक्त कार्यालय ने राज्य के सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTOs) और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को निजी स्टेज कैरिज बस संचालकों द्वारा नियमों की अनदेखी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
21 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई निजी बस ऑपरेटर *स्टेज कैरिज स्कीम 2016* की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं।
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्कीम के तहत परमिट धारकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपनी बसों में *छात्रों तथा रियायती या मुफ्त पास धारकों को उसी प्रकार यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएं, जैसे हरियाणा रोडवेज की बसों में दी जाती है।* इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अन्य प्रावधानों का पालन करना भी जरूरी होगा।
परिवहन विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस उद्देश्य के लिए निजी बस संचालकों को *किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जाएगी।* विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कीम की सभी शर्तों, विशेषकर बिंदु संख्या 11, का *सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।*
पत्र में कहा गया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसकी प्रति राज्य के सभी निजी बस ऑपरेटरों को भी संबंधित DTO कार्यालयों के माध्यम से भेजी गई है

