Private Bus Pass Rules: हरियाणा में बस में सफर करने वाले लोगों के लिए काफी ख़ुशी की खबर निकलकर सामने आ रही है। जिसके चलते अब जिन छात्रों के बस पास और बजुर्गों के रियायती पास वह अब इन पास से प्राइवेट बस में भी सफर कर सकेंगे। Private Bus Pass Rules
जिसके चलते हरियाणा सरकार की और से अब निजी बस संचालकों की मनमानी पर सिकंजा कस्ते हुए नए निर्देश जारी कर दिए है। जिसके चलते अब प्रदेश की सभी निजी बसों में भी सरकारी रोडवेज की तरह ही फ्री और कन्सेशनल बस पास मान्य होंगें।
सरकार का सख्त कदम शिकायतों का संज्ञान Private Bus Pass Rules

इसके अलावा अब यह भी कहा जा रहा है कि पिछले काफी समय से इस बात की शिकायतें आ रही है कि निजी बस चालक पास धारकों को बस में बैठने से माना कर देते थे जिनके पास , पास होता था। इसी के चलते कई स्थानों पर तो बस के स्टाफ द्वारा ऐसे पास धारकों के साथ दुर्व्यवहार की भी खबरें भी सामने आई है। जिसके चलते अब आयुक्त की ओर से भी एक पत्र जारी कर इस बात को स्पष्ट किया गया है कि परमिट की शर्तों से खिलवाड़ करने वालो पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
परमिट की शर्तों में ही शामिल है ये नियम Private Bus Pass Rules
परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश में स्टेज कैरिज स्कीम 2017 के बिंदु संख्या 11 का हवाला दिया गया है। विभाग का कहना है कि यह कोई नई सुविधा नहीं, बल्कि बस ऑपरेटरों को उनके परमिट की अनिवार्य शर्तों की याद दिलाई गई है। विभाग ने साफ किया कि निजी बसों को वही रियायतें देनी होंगी जो हरियाणा रोडवेज की बसों में दी जाती हैं।
इन सुविधाओं के बदले निजी ऑपरेटरों को सरकार से किसी प्रकार की सब्सिडी का भुगतान नहीं किया जाएगा। यह उनके परमिट का एक कानूनी हिस्सा है जिसे मानना ही होगा।
ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और सभी जिला परिवहन अधिकारियों DTOs को इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मनमानी हुई तो अब करें शिकायत Private Bus Pass Rules
यदि कोई निजी बस संचालक पास होने के बावजूद आपको बस में नहीं बिठाता है या गलत व्यवहार करता है, तो अब आप चुप न रहें। आप इसकी शिकायत सीधे अपने जिले के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण RTA कार्यालय या परिवहन विभाग की आधिकारिक हेल्पलाइन पर कर सकते हैं। Private Bus Pass Rules
विभाग ने सभी DTOs को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि परमिट धारक नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। लापरवाही पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ परमिट रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। यह फैसला लाखों छात्रों और रियायती यात्रा करने वाले आम नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है।

