Haryana Weather today 18 april: हरियाणा में मौसम में इस समय काफी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे है कही तेज धुप तो कही आसमान से ओले और बारिश ने ठंड की उम्मीद जगाई है।जिसके चलते प्रदेश के करीब 5 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। इसी के चलते अब बारिश के बढ़ भी साफ आसमान होने ने चलते आज सुबह ही अम्बाला के साथ प्रदेश के कई हिसों में तेज सूरज की किरणे धरती पार आई। जिससे फिर गर्मी का एह्साह हो रहा है।
रोहतक और नारनौल में आसमान से बरस रही आग Haryana Weather

कल शुक्रवार की बात करें तो प्रदेश के कुछ हिस्सों में धुप ने कड़े तेवर दिखाए है। जिसके चलते रोहतक और नारनौल के जैसे शहरों में 41 डिग्री से भी ज्यादा तापमान पहुंच गया था। इसके अलावा गुरुग्राम, , पलवल और मेवात में भी तापमान 40 के पार ही रहा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार दोपहर बाद कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और छिटपुट बूंदाबांदी हुई जिसके चलते तापमान में करीब 1 डिग्री से थोड़ी ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
रातें में भी सामान्य से 3 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा
अब रात के समय भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है जिसके चलते न्यूनतम तापमान में औसतन 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 2.2 डिग्री ज्यादा है। कई शहरों में रात का तापमान 25 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे हीट स्ट्रेस यानी शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ रहा है। हालाँकि हथिनीकुंड 20.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। Haryana Weather
मौसम विभाग का अलर्ट 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से आज 18 और 19 अप्रैल को हरियाणा के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश के आसार हैं। इसी के चलते गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी और हिसार समेत कई जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हिसार और हांसी के कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना है। पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। Haryana Weather
सरसों और कपास को लेकर एडवाइजरी Haryana Weather
मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने किसानों के माथे पर बल डाल दिए हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। सरसों की कटाई और मड़ाई का काम कम से कम 3 से 4 दिनों के लिए रोक दें। कपास, मूंग और उड़द की बुवाई अभी न करें। बारिश और ओलों से बीज खराब होने का खतरा है।

