Jind news : जींद समेत प्रदेश भर में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए जहां प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है, वहीं सिविल अस्पताल प्रशासन ने भी अपनी तरफ लू लगने वाले मरीजों के लिए प्रबंध किए हैं ताकि गर्मी से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत उपचार दिया जा सके।
सिविल अस्पताल में हीट स्ट्रोक से बचाव को लेकर पुरानी बिल्डिंग के मेडिकल वार्ड में स्पेशल वार्ड बनाया गया है। जहां दस बैड लगाए गए हैं। इसके साथ ही कमरे के बाहर गर्मी से बचाव को लेकर पोस्टर चस्पा किया गया है। हालांकि अभी तक गर्मी और लू के प्रकोप का एक भी मरीज अस्पताल में नहीं आया है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1800 से दो हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सोमवार को तो यह आंकड़ा दो हजार को पार कर जाता है। इस समय लगातार तापमान बढ़ रहा है।
शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति आठ किलोमीटर व मौसम में नमी की मात्रा 22 प्रतिशत रही। ऐसे में लू और तेज गर्मी आम बात है। वहीं गर्मी से डायरिया, उल्टी व दस्त की शिकायत भी होती हैं। छोटे बच्चे व बुजुर्ग सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आते हैं। इस प्रकार के मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। लू व गर्मी तथा उल्टी, दस्त मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड तैयार किया गया है। इस कमरे में मरीजों के लिए ठंडे माहौल की व्यवस्था की गई है। ठंडा पानी और जरूरी दवाइयां यहां पर रखी गई है।
Jind news : ओआरएस के पैकेट की व्यवस्था के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को पत्र भेज कर सभी संस्थानों में आने वाले सभी लोगों के लिए ओआरएस के पैकेट की व्यवस्था करने की बात कही है ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में मदद मिल सके। स्वास्थ्य विभाग ने खुद भी अपने स्टाक में ओआरएस के पैकेट काफी मात्रा में रख लिए हैं।
- गर्मी व लू के प्रकोप से बचने के लिए ध्यान रखनें योग्य बातें
- 1. पानी, छाछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी का सेवन समय-समय पर करते रहें।
- 2. दोपहर 12 से दोपहर 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें।
- 3. धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें।
- 4. धूप में निकलने के पहले तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें।
- 5. सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
- 6. जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें।
- 7. अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछें या कई बार स्नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें।
Jind news : लू लगने के लक्षण
तेज बुखार और लगातार सिरदर्द होना, चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, त्वचा का पूरी तरह सूख जाना, लाल होना या शरीर का बहुत गर्म होना, बहुत अधिक पसीना आना या पसीना बिल्कुल बंद हो जाना, सांसों की गति या धड़कन का अचानक तेज होना है।
गर्मी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मेडिकल वार्ड में स्पेशल रूम बना दिया गया है। यहां दस बैड लगाए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में जगह-जगह वेटिंग के लिए कुर्सियों को लगवाया गया है।
–डा. रघुबीर पूनिया, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।

